भोलेनाथ की नगरी! काशी विश्वनाथ की नगरी ! गंगा मैया के घाटों की नगरी! मस्त मतवालों की नगरी! आह बनारस! वाह बनारस! (Location 800)
हर जगह की कुछ ना कुछ खासियत होती है । बनारस की खासियत यही है, कि वो बनारस है । काशी विश्वनाथ मंदिर हो या काल भैरव, गंगा आरती हो या संकट मोचन का हनुमान चालीसा पाठ, गोदौलिया चौराहे की ठंडई हो या कचौड़ी गली की भूलभुलैया गलियां, दुर्गाकुंड का सरोवर हो या तुलसी मानस मंदिर…बनारस की बात ही अलग है। (Location 809)
कभी शाम को अस्सी या दशाश्वमेध घाट या फिर नाँव पर बैठ कर गंगा आरती देखिए, बड़े से बड़े नास्तिक भी आस्तिकता की ओर ना मुड़ जाएं तो कहना । (Location 819)
बड़े-बड़े तीसमार खां को बेवकूफ बनाने वाले ठगों का शहर जहाँ का रिक्शेवाला भी विदेशियों को देख कर “where madam?”, (Location 835)
अपनी ही मस्ती के रंग में रंगा है बनारस । जो यहाँ आता है, इसी का होकर रह जाता है । मरने के बाद तो सभी जाते हैं, राख के रूप में । हाड-माँस से बने शरीर और खुले दिमाग से जाइये, तो समझ में आएगा बनारस । बनारस का रस ही ऐसा है, शायद इसीलिए वाराणसी से अधिक बनारस नाम प्रसिद्ध है । “बना” रहे जिसका “रस”। दोनों हाथ उठा कर बोलिए “महादेव”! (Location 840)
बदला सबसे शुद्ध भावना होती है । प्रेम से भी अधिक शुद्ध । इसमें छल नहीं होता । प्रेम की तरह ही ये भी हो ही जाता है, जाने-अनजाने में । इसे पाने की इच्छा भी प्रेम की तरह ही प्रबल होती है । अक्षय एक को नहीं पा सका । दूसरा उसे प्राप्त करना ही था । (Location 1993)
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AC बोगी की एक खासियत होती है कि वहाँ सभी बहुत सीरियस रहते हैं । कोई किसी से बात नहीं करता (Location 3027)
जिंदगी जियो ! दोस्तों के साथ मस्ती करो। मगर अपने लक्ष्य को, अपनी राह को मत भूलो । कांड तो होने ही चाहिए.. जवानी में, वरना बुढ़ापे में अपने पोते-पोतियों को कहानियां कहाँ से सुनाएंगे? (Location 3727)
Barricade
Metadata
Author: Abhishek Singh
Full Title: Barricade
Category: #type/books
Highlights
भोलेनाथ की नगरी! काशी विश्वनाथ की नगरी ! गंगा मैया के घाटों की नगरी! मस्त मतवालों की नगरी! आह बनारस! वाह बनारस! (Location 800)
हर जगह की कुछ ना कुछ खासियत होती है । बनारस की खासियत यही है, कि वो बनारस है । काशी विश्वनाथ मंदिर हो या काल भैरव, गंगा आरती हो या संकट मोचन का हनुमान चालीसा पाठ, गोदौलिया चौराहे की ठंडई हो या कचौड़ी गली की भूलभुलैया गलियां, दुर्गाकुंड का सरोवर हो या तुलसी मानस मंदिर…बनारस की बात ही अलग है। (Location 809)
कभी शाम को अस्सी या दशाश्वमेध घाट या फिर नाँव पर बैठ कर गंगा आरती देखिए, बड़े से बड़े नास्तिक भी आस्तिकता की ओर ना मुड़ जाएं तो कहना । (Location 819)
बड़े-बड़े तीसमार खां को बेवकूफ बनाने वाले ठगों का शहर जहाँ का रिक्शेवाला भी विदेशियों को देख कर “where madam?”, (Location 835)
अपनी ही मस्ती के रंग में रंगा है बनारस । जो यहाँ आता है, इसी का होकर रह जाता है । मरने के बाद तो सभी जाते हैं, राख के रूप में । हाड-माँस से बने शरीर और खुले दिमाग से जाइये, तो समझ में आएगा बनारस । बनारस का रस ही ऐसा है, शायद इसीलिए वाराणसी से अधिक बनारस नाम प्रसिद्ध है । “बना” रहे जिसका “रस”। दोनों हाथ उठा कर बोलिए “महादेव”! (Location 840)
बदला सबसे शुद्ध भावना होती है । प्रेम से भी अधिक शुद्ध । इसमें छल नहीं होता । प्रेम की तरह ही ये भी हो ही जाता है, जाने-अनजाने में । इसे पाने की इच्छा भी प्रेम की तरह ही प्रबल होती है । अक्षय एक को नहीं पा सका । दूसरा उसे प्राप्त करना ही था । (Location 1993)
AC बोगी की एक खासियत होती है कि वहाँ सभी बहुत सीरियस रहते हैं । कोई किसी से बात नहीं करता (Location 3027)
जिंदगी जियो ! दोस्तों के साथ मस्ती करो। मगर अपने लक्ष्य को, अपनी राह को मत भूलो । कांड तो होने ही चाहिए.. जवानी में, वरना बुढ़ापे में अपने पोते-पोतियों को कहानियां कहाँ से सुनाएंगे? (Location 3727)