Baaghi Ballia
>पत्थर तो हजारों ने मारे थे मुझे लेकिन जो दिल पे लगी आकर इक दोस्त ने मारा है।
>पत्थर तो हजारों ने मारे थे मुझे लेकिन जो दिल पे लगी आकर इक दोस्त ने मारा है।

पत्थर तो हजारों ने मारे थे मुझे लेकिन जो दिल पे लगी आकर इक दोस्त ने मारा है।
खयालों के प्रेम में होना तमाम उम्र आपको प्रेम में बनाए रखता है।
प्रेत के दो मकान या तो पीपल या श्मशान।
बारह बरस ले कुक्कुर जिए चौदह बरस ले जिए सियार और बीस बरस जो बंडा जिए वाके जीवन को धिक्कार।
एक वक्त ऐसा आता है जब आपको चुनना होता है कि आप घुटनों पर रहकर धन्य होना चाहते हैं या फिर स्वयंमेव खड़े होकर मिसाल बनते हैं। मैंने अपनी शर्तों पर खड़ा रहना चुना है।
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